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ज्ञान, वैराग्य और भक्ति की साधना की प्रेरणा थीं गोपीवाला मां: साध्वी राधिका साधिका पुरी

Gargachary Times 29 August 2026, 21:03 49 views
Dharam
ज्ञान, वैराग्य और भक्ति की साधना की प्रेरणा थीं गोपीवाला मां: साध्वी राधिका साधिका पुरी
वृन्दावन। छटीकरा मार्ग स्थित श्रीकपिल कुटीर सांख्य योग आश्रम में ब्रह्मलीन साध्वी गोपीवाला मां का 21वां त्रिदिवसीय तिरोभाव महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और संत समागम के बीच संपन्न हुआ। महोत्सव के दौरान आश्रम परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। संतों, महंतों और श्रद्धालुओं ने साध्वी गोपीवाला मां के चित्रपट का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया और उनके तप, त्याग तथा ब्रज के प्रति समर्पण को स्मरण किया। महोत्सव के अंतर्गत आयोजित संत-विद्वत सम्मेलन में महामंडलेश्वर स्वामी राधाप्रसाद देवजू महाराज तथा महामंडलेश्वर स्वामी सच्चिदानंद शास्त्री महाराज ने कहा कि साध्वी गोपीवाला मां का जीवन ज्ञान, वैराग्य और भक्ति का अनुपम उदाहरण था। उन्होंने अपना जीवन साधना और भगवद्भक्ति को समर्पित किया तथा कठोर तपस्या के माध्यम से संत परंपरा को समृद्ध किया। महामंडलेश्वर साध्वी राधिका साधिका पुरी जटा वाली मां ने कहा कि साध्वी गोपीवाला मां अत्यंत वीतराग, निस्पृह और भजन में लीन रहने वाली संत थीं। उनका जीवन सांसारिक आकर्षणों से ऊपर उठकर परमात्मा की साधना के लिए समर्पित रहा। संतों ने कहा कि ऐसी दिव्य विभूतियों का सान्निध्य समाज के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शन का माध्यम बनता है। महंत सुंदरदास महाराज ने कहा कि साध्वी गोपीवाला मां त्याग, भक्ति और वैराग्य की प्रतिमूर्ति थीं। ब्रजभूमि के प्रति उनका अनुराग विशेष रूप से उल्लेखनीय था। ब्रज के संतों, ब्रजवासियों, यहां की लता-पताओं और यमुना महारानी के प्रति उनके मन में गहरा प्रेम था। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऐसे संतों का अभाव निरंतर महसूस हो रहा है। प्रमुख भाजपा नेता रामदेव सिंह भगौर एवं समाजसेवी देवीसिंह कुंतल ने साध्वी गोपीवाला मां के आध्यात्मिक प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें परम सिद्धि प्राप्त थी। उनके जीवन से जुड़ी अनेक ऐसी स्मृतियां हैं, जिन्हें भक्त आज भी श्रद्धा के साथ याद करते हैं। महंत मोहिनी शरण महाराज एवं महंत श्यामसुंदर दास महाराज ने श्रीकपिल कुटीर सांख्य योग आश्रम में संचालित जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि आश्रम में यज्ञ एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से मानव कल्याण तथा राष्ट्र कल्याण की भावना से निरंतर कार्य किया जा रहा है। महोत्सव में संत समाज एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक श्रद्धालुओं की सहभागिता रही। महंत बाबा संतदास महाराज, साध्वी डॉ. राकेश हरिप्रिया, महंत आचार्य रामदेव चतुर्वेदी, साध्वी कृष्णा दासी, भागवताचार्य साध्वी आशानंद शास्त्री, स्वामी भुवनानन्द महाराज, रामप्रकाश सक्सेना, पप्पू सरदार, पुरुषोत्तम गौतम, भूति कृष्ण, राजू शर्मा, पवन गौतम, साध्वी नमिता साधिका एवं राजकुमार शर्मा सहित अनेक संत, महंत और गणमान्यजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर महामंडलेश्वरों, श्रीमहंतों एवं महंतों का सम्मान भी किया गया। तिरोभाव महोत्सव के दौरान संत सेवा, ब्रजवासी सेवा और वैष्णव सेवा के साथ वृहद भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
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