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बागवानी योजनाओं से किसानों को मिलेगा 50 फीसदी तक अनुदान, डीएम ने क्लस्टर बनाकर खेती बढ़ाने के दिए निर्देश

Gargachary Times 3 September 2026, 20:28 34 views
Firozabad
बागवानी योजनाओं से किसानों को मिलेगा 50 फीसदी तक अनुदान, डीएम ने क्लस्टर बनाकर खेती बढ़ाने के दिए निर्देश
फिरोजाबाद। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एकीकृत बागवानी विकास मिशन, मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना, पर ड्रॉप मोर कॉप माइक्रोइरीगेशन तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना की जनपद स्तरीय समितियों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने और बागवानी व खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत फल, फूल, मसाला, सब्जी, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, पोस्ट हार्वेस्ट और कृषि मशीनीकरण सहित विभिन्न गतिविधियों पर इकाई लागत का 25 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। किसानों का चयन विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण के बाद प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर किया जाएगा।योजना में स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट, पपीता, बेल और बेर के साथ विभिन्न सब्जियों व मसाला फसलों के क्षेत्र विस्तार के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। प्याज और लहसुन के लिए 40 प्रतिशत तक अनुदान, जबकि अदरक व हल्दी के लिए अधिकतम 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान की जानकारी दी गई। मचान विधि, बागवानी फसलों की फेंसिंग, मधुमक्खी पालन और पावर टिलर पर भी अनुदान का प्रावधान है। मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के लिए शिकोहाबाद और अरांव विकासखंड चिन्हित किए गए हैं। डीएम ने विकासखंडवार फसलों के क्लस्टर बनाकर क्षेत्र विस्तार करने के निर्देश दिए। किसानों द्वारा केला खेती के लिए लक्ष्य निर्धारित करने की मांग पर इच्छुक किसानों का विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कराने को कहा गया। बैठक में पर ड्रॉप मोर कॉप माइक्रोइरीगेशन योजना के तहत 1494 हेक्टेयर लक्ष्य के सापेक्ष 700 हेक्टेयर में ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित किए जाने की जानकारी दी गई। लघु एवं सीमांत किसानों को ड्रिप, मिनी व माइक्रो स्प्रिंकलर पर 90 प्रतिशत तथा अन्य किसानों को 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने या उन्नयन करने पर 35 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। आटा चक्की, दलिया, बेसन, आलू चिप्स व पाउडर, अचार-मुरब्बा आदि इकाइयों के लिए आवेदन किया जा सकता है। डीएम ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को योजना से जोड़ने, बैंकर्स, एनआरएलएम और उद्यान विभाग के साथ बैठक करने तथा आलू भंडारण और न्यूनतम मूल्य पर बिक्री संबंधी अनुमन्य अनुदान का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए।
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