शिक्षक ज्ञान और संस्कार से गढ़ते हैं राष्ट्र का भविष्य, वृंदावन सेवा संस्थान ने पांच शिक्षाविदों को सम्मानित किया
Gargachary Times
5 September 2026, 20:11
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Agra
वृंदावन। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने का कार्य नहीं करते, बल्कि उनमें ज्ञान, संस्कार और अनुशासन का विकास कर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक राष्ट्र के निर्माता भी हैं। यह विचार संस्कार भारती के अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि ब्रज किशोर त्रिपाठी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर वृंदावन सेवा संस्थान की ओर से आयोजित सम्मान समारोह में व्यक्त किए।
गोपाल वाटिका स्थित वृंदावन सेवा संस्थान (रजि.) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पांच शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया। चंद्र प्रकाश द्विवेदी, बांके बिहारी शर्मा, डॉ. राकेश सारस्वत, श्याम प्रकाश पांडे और कौशल किशोर भट्ट को सम्मान-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर उनके योगदान की सराहना की गई।
संस्थान के अध्यक्ष लक्ष्मण सर्राफ ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान वास्तव में ज्ञान और संस्कार की उस परंपरा का सम्मान है, जो समाज और राष्ट्र को दिशा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
संस्थान के निदेशक विश्व नाथ गुप्ता ने बताया कि वृंदावन सेवा संस्थान शिक्षा के साथ समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और बालिका सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने संस्थान की आगामी गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों की जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन विश्व नाथ गुप्ता ने किया। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने सम्मानित शिक्षाविदों को शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में शिक्षक दिवस की भावना के अनुरूप शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई।