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प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से पीयूषिका ने बदली किस्मत, बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

Gargachary Times 9 September 2026, 22:36 40 views
Firozabad
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से पीयूषिका ने बदली किस्मत, बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
सही दिशा, मेहनत और सरकारी योजनाओं का सहयोग मिले तो ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी स्वरोजगार के जरिए सफलता की नई कहानी लिख सकती हैं। विकासखंड हाथवंत के ग्राम नगला हिम्मत निवासी पीयूषिका ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ लेकर ऐसी ही प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। पीयूषिका ने करीब पौने दो एकड़ में फैले तालाब में मत्स्य पालन का व्यवसाय शुरू किया। व्यवसाय शुरू करने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के बारे में जानकारी मिली। योजना के तहत सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत का 40 प्रतिशत, जबकि महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं दिव्यांगजनों को 60 प्रतिशत तक अनुदान दिए जाने का प्रावधान है।योजना के तहत पीयूषिका को कुल लागत का 60 प्रतिशत यानी 12 लाख 60 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने अपने मत्स्य व्यवसाय को और मजबूत किया तथा पारंपरिक मत्स्य पालन के बजाय वैज्ञानिक एवं उन्नत तकनीकों को अपनाना शुरू किया। उन्नत किस्म की मछलियों का कर रहीं पालन और वितरण पीयूषिका ने केंद्रीय अंतस्थलीय मत्स्य शिक्षा संस्थान के सहयोग से जेनेटिकली इम्प्रूव्ड फिश सीड की आपूर्ति का कार्य भी शुरू किया है। वर्तमान में वह जयन्ती रोहू और जीआई कतला जैसी उच्च गुणवत्ता वाली मछलियों का पालन एवं वितरण कर रही हैं। इन उन्नत किस्मों की मछलियां पारंपरिक प्रजातियों की तुलना में करीब 40 से 45 प्रतिशत तक तेजी से बढ़ती हैं। इससे पीयूषिका के मत्स्य उत्पादन में वृद्धि हुई है। साथ ही वह आसपास के मत्स्य पालकों को भी उन्नत मत्स्य बीज उपलब्ध कराकर उन्हें बेहतर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। 5 लोगों को प्रत्यक्ष, 15 परिवारों को अप्रत्यक्ष रोजगार पीयूषिका का मत्स्य व्यवसाय अब केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने तक सीमित नहीं है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिली है। वर्तमान में उनके व्यवसाय से 5 लोगों को नियमित प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है, जबकि 15 परिवारों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार एवं आजीविका का सहारा प्राप्त हो रहा है। आज पीयूषिका ग्रामीण क्षेत्र की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जो अपने पैरों पर खड़े होकर आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि सरकारी योजनाओं की सही जानकारी, उचित मार्गदर्शन और मेहनत के जरिए स्वरोजगार को सफल व्यवसाय में बदला जा सकता है। पीयूषिका ने अपने जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना स्वरोजगार के इच्छुक युवाओं और महिलाओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है।
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