वृंदावन नगर पालिका को ए-ग्रेड दर्जा देने की मांग तेज, जागरूक नागरिकों की बैठक में उठे विकास, प्रतिनिधित्व और स्थानीय नेतृत्व के मुद्दे
Gargachary Times
9 September 2026, 22:39
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Mathura
वृंदावन। तीर्थनगरी वृंदावन के प्राचीन स्वरूप, धार्मिक पहचान और विकास से जुड़े मुद्दों को लेकर स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका के उच्चीकरण की मांग उठाई है। गोधूलीपुरम स्थित हरिदास आश्रम में आयोजित बैठक में नागरिकों ने वृंदावन नगर पालिका को ‘ए’ श्रेणी का दर्जा दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वृंदावन देश-दुनिया के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां लगातार बढ़ती आबादी और तीर्थयात्रियों की संख्या को देखते हुए नगर की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है। नागरिकों का कहना था कि नगर पालिका का उच्चीकरण होने से विकास कार्यों के लिए संसाधन बढ़ने के साथ सफाई, सीवर, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
आनंद वल्लभ गोस्वामी ने कहा कि वृंदावन की पहचान केवल एक शहर के रूप में नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में है। इसके स्वरूप को बनाए रखने के लिए मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था जरूरी है।
जितेंद्र राणा ने कहा कि नगर पालिका के ए-ग्रेड होने से वार्डों के पुनर्गठन और जनप्रतिनिधित्व को बेहतर बनाने की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने स्थानीय स्तर पर जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व की आवश्यकता बताई।
अधिवक्ता विवेक महाजन ने वृंदावन के लिए स्थानीय नेतृत्व की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि यहां की परिस्थितियों और समस्याओं से भली-भांति परिचित स्थानीय व्यक्ति जनता की अपेक्षाओं को बेहतर तरीके से प्रशासन तक पहुंचा सकता है।
बैठक में नगर पालिका के उच्चीकरण के साथ वार्डों की संख्या बढ़ाने, प्रत्येक क्षेत्र को बेहतर प्रतिनिधित्व देने और स्थानीय नेतृत्व को प्राथमिकता देने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
इस दौरान आशु सरदार, योगेश योगीराज, ठाकुर गीता सिंह, गोविंद शर्मा, ठाकुर उदय सिंह, शैलेंद्र सिंह चौहान, ज्ञानी ठाकुर, अजीत सिंह सहित अनेक नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने वृंदावन के संरक्षण और समुचित विकास से जुड़ी मांग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।