शंकराचार्य निरंजनदेव तीर्थ की 30वीं पुण्यतिथि पर महासमागम
Gargachary Times
13 September 2026, 20:34
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Mathura
गोवर्धन। गिरिराज तलहटी के जतीपुरा परिक्रमा मार्ग स्थित शंकराचार्य आश्रम में गोवर्धन मठ पुरी के ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी निरंजनदेव तीर्थ महाराज की 30वीं पुण्यतिथि पर दो दिवसीय महोत्सव का भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम के दूसरे दिन जगद्गुरु नाभा पीठाधीश्वर सुतीक्ष्ण देवाचार्य (सुदामा कुटी, वृंदावन) ने ब्रह्मलीन शंकराचार्य के चित्रपट पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि निरंजनदेव तीर्थ महाराज ने धर्म ध्वजा को दुनिया में फहराने का जो कार्य किया, उसी परंपरा को वर्तमान शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देव तीर्थ आगे बढ़ा रहे हैं। अखंड भारत यात्रा सनातन धर्म के लिए बड़ी उपलब्धि है। स्वामी अधोक्षजानंद की अध्यक्षता में विशाल धर्मसभा हुई, जिसमें देशभर के साधु-संतों ने सनातन संस्कृति की रक्षा, युवाओं को धर्म से जोड़ने और पौराणिक धरोहरों के संरक्षण पर जोर दिया। राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर धार्मिक स्थलों की रक्षा हर सनातनी का दायित्व बताया गया।अपने संबोधन में शंकराचार्य अधोक्षजानंद ने ब्रह्मलीन निरंजनदेव तीर्थ और स्वामी करपात्री जी के गोहत्या विरोधी आंदोलन का स्मरण कराया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की सराहना की, लेकिन गायों की तस्करी और गोहत्या रोकने के लिए केंद्र से तत्काल कठोर कानून बनाने की मांग की। महोत्सव में विभिन्न अखाड़ों-पीठों के प्रमुख संतों के साथ कई राजनीतिक व सामाजिक हस्तियां भी शामिल हुईं। पहले दिन अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। दूसरे दिन हरियाणा सरकार के मंत्री गौरव गौतम, विभिन्न दलों के नेता और विधायकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। शंकराचार्य वर्तमान में चतुर्मास व्रत के लिए आश्रम में प्रवास पर हैं।