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खेती का मॉडल पेश करें कृषि विज्ञान केंद्र: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही

Gargachary Times 15 September 2026, 19:23 39 views
Lucknow
खेती का मॉडल पेश करें कृषि विज्ञान केंद्र: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही
लखनऊः कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) किसानों के लिए मंदिर के समान हैं यहां वैज्ञानिकों द्वारा किये जा रहे शोध व नवाचार केवल प्रक्षेत्रों तक सीमित न रहकर किसानों के खेतों में वास्तविक बदलाव के रूप में दिखने चाहिए। हमारा ध्येय हर हाल में किसान को लाभान्वित करना होना चाहिए और प्रत्येक केवीके को एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। यह निर्देश उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार को कृषि भवन सभागार में प्रदेश के सभी 89 कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों एवं प्रभारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। बैठक में केंद्रों की गतिविधियों, सभी परियोजनाओं के सुचारु संचालन, आगामी रबी सीजन की रणनीति तथा विकसित भारत अभियान के अंतर्गत स्थानीय स्तर पर दलहन व तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। कृषि मंत्री ने वैज्ञानिकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे निर्धारित मॉड्यूल के अनुसार कार्य करते हुए केंद्रों पर व्यावहारिक गतिविधियों को तेजी से बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि देरी से बुवाई (लेट सोइंग) की प्रवृत्ति को हर हाल में बदलना होगा, क्योंकि इससे फसलों के उत्पादन और उत्पादकता दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। किसानों को समय से बुवाई, निराई-गुड़ाई और कटाई के लिए प्रेरित किया जाए तथा खेतों में लाइन सोइंग, इंटर क्रॉपिंग (सहफसली खेती) और बॉर्डर लाइनिंग जैसी उन्नत पद्धतियों को अनिवार्य रूप से लागू कराया जाए। वैज्ञानिक अपने प्रक्षेत्रों के साथ-साथ किसानों के खेतों पर सजीव प्रदर्शन कराकर इन उन्नत कृषि क्रियाओं को अपनाने में किसानों का सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि वैज्ञानिकों के समक्ष आने वाली नीतिगत एवं तकनीकी चुनौतियों का शासन स्तर पर तत्परता से समाधान किया जाएगा। शाही ने व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए कृषि विश्वविद्यालयों के स्तर पर केवीके की नियमित रैंकिंग कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि उच्च स्तर पर कम से कम प्रत्येक दो माह में कृषि विज्ञान केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित वेलफेयर स्कीम को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में केवीके महत्वपूर्ण कड़ी बनें। वर्तमान में खुले बीज पोर्टल, कृषि यंत्र पोर्टल तथा 75 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के बारे में किसानों के बीच व्यापक जागरूकता फैलाई जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने 17 सितंबर को सेवा संकल्प अभियान के अवसर पर व्यापक स्वच्छता अभियान चलाने तथा प्रदेश के सभी विकासखंडों में पांच दिवसीय किसान मेलों के सफल आयोजन में केवीके की सक्रिय सहभागिता तय करने के निर्देश दिए। इस समीक्षा बैठक में कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव रवींद्र, विशेष सचिव लाल बहादुर यादव, बांदा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति श्री एसवीएस राजू, मेरठ कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति त्रिवेणी दत्त, कानपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति संजीव गुप्ता, उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह, निदेशक कृषि टीएम त्रिपाठी सहित सभी 89 कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक एवं कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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