महाविद्या कॉलोनी में हुआ ब्रज भाषा काव्य संध्या का आयोजन
Gargachary Times
28 September 2026, 18:42
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Mathura
मथुरा स्थित महाविद्या कालौनी निकट अस्सी पार्क रामेश्वर मंदिर के शुभ प्रांगण में,ब्रज साहित्य परिषद न्यास परासौली के तत्वावधान में कार्यशाला एवं शानदार काव्य संध्या का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम क्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार देवी प्रसाद गौड़ एवं संचालन संस्था के महामंत्री एवं वरिष्ठ कवि हरीबाबू ओम् ने किया।
कार्यक्रम का श्री गणेश कवयित्री श्रीमती रेणु उपाध्याय की सरस सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद अटल राम चतुर्वेदी जी ने, पितृ पक्ष पर कविता पढ़ते हुए कुछ इस तरह कहा, "श्राद्ध पक्ष ते देखौ कोऊ मति घबराओ।"काव्य गोष्ठी के क्रम को गति देते हुए श्री अनिल अनल ने श्री राधारानी जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते
हुए,"म्हारी लाड़ली अमोल,कारे तेरौ कहा मोल।"स्टेट बैंक से आये
अमर द्वितीय जी ने फूफाजी पर कविता पढ़ते हुए कहा,"फूफाजी ते मति करो ज्यादा कभी सवाल"कवयित्री नीतू गोस्वामी ने
चुनाव के संदर्भ में, नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा,"बजमारे
मदारी बताइस दैरे कहा चहाबै,तू काहे कूँ नाच नचाबै।"वरिष्ठ
कवयित्री रेणु उपाध्याय ने पितृ पक्ष के संदर्भ मे कहा,"जो तिल
चावल उदक चढ़ा पितरों का तर्पन करता है।" विनोद गौड़ जी
ने सांझी पर पंक्तियां पढ़ते हुए कहा,"श्राद्ध पक्ष में सांझी का उत्सव श्री राधा कृष्ण का है"कवि गोष्ठी के संयोजक श्री के.सी गौड़ जी ने पत्नी पर हास्य करते कुछ इस तरह कहा,"पत्नी की निगाह सदा पति की पाकिट पर रहती है।"वृन्दावन से पधारे वरिष्ठ
कवि श्री मोहन जी ने, हिन्दी पर रचना पढ़ी,"सावन राखी दिवारी की ज्योति औ फागुन की पिचकारी हिंदी।तदुपरांत "काव्य संध्या का संचालन कर रहे श्री हरी बाबू ओम् जी ने भगवान शंकर को
नमन करते हुए कहा,"जै भोले नाथ तिहारी जै बोलूं,धरौ कृपा कौ हाथ तुम्हारी जै बोलूं।" काव्य संध्या में पधारे राष्ट्रीय कवि
डा.रमाशंकर पाण्डेय जी ने कार्यक्रम को ऊँचाइयां देते हुए रचना
पढ़ी,"रसना का रस बन जाय जब श्याम नाम,मन का भुवन ब्रज धाम बन जाता है।"अंत में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ
साहित्यकार श्री देवी प्रसाद गौड़ ने अध्यक्षीय उद्बोधन के बाद
ब्रज भाषा में रचना पढ़ते हुए कहा,"सोंने की चिरैया पुनि प्यारौ हिन्दुस्तान होय।"कार्यक्रम के समापन पर, श्री के.सी.गौड़ जी ने
सभी आगंतुकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।