स्थापना दिवस समारोह में झलका संस्कृति विवि का भव्य स्वरूप
Gargachary Times
1 October 2026, 19:37
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Education
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय का 10वां स्थापना दिवस समारोह विवि के मुख्य मैदान में पूरी भव्यता के साथ मनाया गया। विद्यार्थियों ने मंच पर प्रस्तुत अपने साथियों की जबर्दस्त प्रस्तुतियों का आनंद तो लिया ही साथ ही लोकप्रिय गायक इरफान के गीतों और डीजे के धमाकेदार संगीत का जमकर मनोरंजन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कृति विवि के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता, प्रति कुलाधिपति राजेश गुप्ता, कुलपति प्रो. एमबी चेट्टी, सीईओ डा. श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, कैप्स के निदेशक डा. रजनीश त्यागी द्वारा किए गए दीप प्रज्ज्वल के साथ हुआ। इस भव्य आयोजन के दौरान संस्कृति विवि के कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को संस्कृति विवि के स्थापना दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हम अपने विवि में विद्यार्थियों की विश्वस्तरीय और आधुनिक शिक्षा के लिए हर जरूरत को पूरा कर रहे हैं। हम नहीं चाहते कि हमारे देश का कोई विद्यार्थी ज्ञान के किसी क्षेत्र में सुविधाओं, साधन की कमी के कारण पीछे रहे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी क्षमता और योग्यता को पहचान कर आगे बढ़ना चाहिए। मेरा विद्यार्थियों से कहना है कि अपने आप को पहचानिए और अपना रास्ता बनाइए। जिस मदद की आवश्यकता हो आगे बढ़कर मांगनी चाहिए। आप अपनी क्षमताओं को पहचानें और स्वयं वा देश दोनों को ऊंचाईयों पर पहुंचाएं। डा. सचिन गुप्ता ने कॉलेज से यूनिवर्सिटी में संस्थान के बदलाव और नई टेक्नोलॉजी को लाने और नई संभावनाओं की ओर बढ़ने की लगातार कोशिशों के बारे में बताया। उन्होंने एआई जीपीयू संबंधित डेवलपमेंट के लिए हीरानंदानी ग्रुप के साथ यूनिवर्सिटी के टाई-अप पर प्रकाश डाला और प्रस्तावित 600-बिस्तरों वाले अस्पताल के बारे में जानकारी दी।
इस मौके पर मौजूद खास मेहमानों में मथुरा के पूर्व विधायक प्रदीप माथुर ने डॉ. सचिन गुप्ता और यूनिवर्सिटी के साथ कई वर्षों के अपने जुड़ाव को याद करते हुए, संस्थान की निरंतर प्रगति और अपने मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने स्टूडेंट्स को अपने शिक्षकों और प्रोफेसरों के साथ-साथ अपने माता-पिता का सम्मान करने के लिए प्रोत्साहित किया और विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य तय करने और बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षा मंत्रालय के प्रो. ताहिर ने विवि की लीडरशिप को बधाई दी और स्थापना दिवस समारोह की सराहना की। इस बात पर जोर देते हुए कि शिक्षा केवल पैसा कमाने के तरीके सीखने से कहीं आगे होनी चाहिए, उन्होंने स्टूडेंट्स को देश के प्रति जिम्मेदारी के साथ जीने, अपने शिक्षकों का सम्मान करने और अपने माता-पिता का सम्मान करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने स्टूडेंट्स से जिम्मेदार भारतीय बनने का आह्वान किया और "जय हिंद, जय भारत" के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।
संस्कृति विवि के कुलपति एमबी चेट्टी ने अपने स्वागत भाषण में संस्कृति विवि को ज्ञान, मूल्यों और मानवीय आकांक्षाओं का एक जीवंत इकोसिस्टम बताया, जो ज़िम्मेदार नागरिक बनाने की फिलॉसफी पर बना है, जिन्हें आलोचनात्मक सोच के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। उन्होंने समस्या-समाधान करने वालों, उद्यमियों और संवेदनशील इंसानों को तैयार करने के उद्देश्य पर ज़ोर दिया। कैप्स के निदेशक डॉ. रजनीश त्यागी ने उस विज़न पर विचार किया जिसके साथ संस्कृति विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी और इसकी विकास यात्रा पर बात की। उन्होंने यूनिवर्सिटी की लीडरशिप के विज़न के तहत इसकी तरक्की के बारे में बात की और इसकी प्रोग्रेस को 'विकसित भारत 2047' और 2047 तक एक शिक्षित भारत के बड़े लक्ष्य से जोड़ा। उन्होंने स्टूडेंट्स को उस विज़न को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जिसके साथ संस्कृति विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी और इसके विकास के पीछे की कोशिशों की सराहना की। इस मौके पर कांग्रेस के यतेंद्र मुकद्दम और सुनीत कुमार मधुर भी मौजूद थे।
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दिव्यांग बच्चों की प्रस्तुति ने जीता सबका दिल
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आगाज़ नवीन और उनके ग्रुप द्वारा प्रस्तुत की गई 'गणेश वंदना' से हुआ। मंच पर उतरे दिव्यांग विद्यार्थियों के ग्रुप ने जब अपनी अद्भुत कला और तालमेल के साथ समूह नृत्य प्रस्तुत किया, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके बाद दिव्यांग बच्चों द्वारा एक मनमोहक युगल नृत्य भी पेश किया गया। विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा इन दिव्यांग विद्यार्थियों की असाधारण प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
विविध सांस्कृतिक शैलियों का शानदार समागम
विवि के छात्र-छात्राओं ने देश-विदेश की विभिन्न नृत्य विधाओं को मंच पर उतारकर एक मिनी-इंडिया का दृश्य जीवंत कर दिया। सांस्कृतिक आकर्षणों में प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहीं। मनीष एंड ग्रुप ('बेंगर बॉयज़') और निरन एंड ग्रुप के फास्ट बीट्स वाले डांस ने युवाओं में जोश भर दिया, तो वहीं प्रविश एंड ग्रुप के साल्सा डांस और लवली एंड ग्रुप के बेली डांस ने मंच पर समां बांध दिया। पारंपरिक और आधुनिक फ्यूजन का प्रदर्शन करते हुए रमा एंड ग्रुप ने साउथ इंडियन ग्रुप डांस के जरिए दक्षिण भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई, वहीं रीति एंड ग्रुप ने धमाकेदार बॉलीवुड ग्रुप डांस पेश किया। प्रियंका एंड ग्रुप का पॉप डांस और दिनेश व रीतिका का रोमांटिक कपल डांस भी दर्शकों को बहुत पसंद आया। कुशाग्र एंड ग्रुप द्वारा प्रस्तुत योग ग्रुप डांस ने फिटनेस और कला के अनूठे संगम को दर्शाया।
फैशन रैंप वॉक और मिस्टर-मिस प्रतियोगिता का रोमांच
सांस्कृतिक शाम का सबसे प्रतीक्षित और रोमांचक हिस्सा रहा फैशन और रैंप वॉक राउंड। यह प्रतियोगिता दो अलग-अलग श्रेणियों में आयोजित की गई। नए सत्र के छात्र-छात्राओं के बीच 'मिस्टर फ्रेशर' और 'मिस फ्रेशर' खिताब को लेकर कड़ा मुकाबला देखने को मिला। निर्णायकों ने छात्र सार्थक को मिस्टर फ्रेशर, छात्र शुभी को मिस फ्रेशर, छात्र अभिषेक को मिस्टर टेलेंटेड, छात्रा नंदनी को मिस टेलेंटेड, छात्र शिव को मिस्टर वर्सेटाइल, छात्रा आर्या को मिस वर्सेटाइल घोषित किया। वहीं शिक्षकों के लिए भी मिस्टर टीचर और मिस टीचर प्रतियोगिता आयोजित की गई। विवि के प्रोफेसरों और शिक्षकों ने भी पूरे उत्साह के साथ रैंप पर उतरकर 'मिस्टर टीचर' और 'मिस टीचर' राउंड में अपने जलवे बिखेरे। डा. दुर्गेश नंदन ने मिस्टर टीचर व मनीषा मैम ने मिस टीचर का पुरुस्कार जीता। विजेताओं को ताज और सैशे पहनाकर पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार वितरण और ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते छात्र-छात्राओं के साथ यह स्थापना दिवस समारोह विवि के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन संस्कृति स्कूल आफ होटल मैनेजमेंट की असिस्टेंट प्रोफेसर शुभांगी सक्सैना ने किया। कार्यक्रम के संयोजन में डा. दुर्गेश वाधवा की प्रमुख भूमिका रही।