जयप्रकाश नारायण ने लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए पूरा जीवन समर्पित कर दिया: अखिलेश यादव
Gargachary Times
11 October 2026, 20:47
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Lucknow
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर रविवार को गोमतीनगर स्थित जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल केन्द्र में पहुंचकर उनकी आदम कद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।
अखिलेश यादव के साथ पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी, पूर्व मंत्री तेज नारायण पाण्डेय पवन पाण्डेय, पूर्वमंत्री राम आसरे विश्वकर्मा, सपा के लखनऊ महानगर अध्यक्ष फाखिर सिद्दीकी, लखनऊ जिलाध्यक्ष जय सिंह जयंत समेत बड़ी संख्या में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जय प्रकाश नारायण की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने और समाज को सुधारने के लिए पूरा जीवन लगा दिया। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के साथ काम किया, स्वतंत्रता आंदोलन में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। जब देश में महंगाई, बेरोजगारी चरम पर थी, तब जयप्रकाश नारायण ने छात्रों-नौजवानों का नेतृत्व किया और देश में परिवर्तन देने का काम किया। उन्होंने समाजवादी विचार दिया। समाजवादी सरकार में भारतरत्न जयप्रकाश नारायण के नाम पर शानदार और बड़ा स्मारक जेपीएनआईसी बनाया गया। आज उनकी जयंती पर सभी समाजवादी लोग जय प्रकाश नारायण जी के बताए रास्ते पर चलने और उनके सम्पूर्णक्रांति के विचार को आगे बढ़ाने का संकल्प लेते है।
अखिलेश यादव ने कहा कि जेपीएनआईसी के म्यूजियम में वह जगह भी बनायी गयी थी, किस तरह से आजादी के आंदोलन में जेपी जेल से कूद कर फरार हो गए थे। भाजपा सरकार ने जेपीएनआईसी को बर्बाद कर दिया। सब चीजें
खराब हो गयी। भाजपा ने भारतरत्न जेपी के नाम पर बनाए गए जेपीएनआईसी को बेच दिया। भाजपा सब चीज बेच देना चाहती है। वह किसी भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और समाज सुधारक नेता का सम्मान नहीं करती है। भाजपा के लोग आजादी की लड़ाई में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साथ नहीं थे, ये आजादी के संघर्ष को नहीं जानते हैं। जेपीएनआईसी जय प्रकाश नारायण के संघर्ष और विचारधारा की जगह है, भाजपा ने इसे भी बेच दिया।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार अभी तक समाजवादियों को जेपीएनआईसी आने से रोकती रही, लेकिन अब उत्तर प्रदेश में परिवर्तन का आगाज हो गया है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा हारी है, 2027 के विधानसभा चुनाव में सफाया हो जाएगा। जनता भाजपा को हराने जा रही है। बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों की लड़ाई है। जब महंगाई, बेरोजगारी और प्रशासनिक अराजकता चरम पर थी तब जेपी के नेतृत्व में परिवर्तन हुआ था। आज भी वहीं हालात है। बेईमानी, भ्रष्टाचार, लूट और झूठ चरम पर है। देश में जनता की आवाज दबाई जा रही है। लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं। इस बार भी परिवर्तन होना तय है। उत्तर प्रदेश में 45 दिनों के बाद परिवर्तन दिखाई देने लगेगा। समाजवादी सरकार आएगी, भाजपा हमेशा के लिए चली जाएगी। लोगों को नई आजादी का अहसास होगा।
अयोध्या को लेकर एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा हमारे पवन की हवा में अहंकारी सरकार के लोग उड़ जाएंगे। समाजवादी पार्टी ने अयोध्या से पवन पाण्डेय की टिकट सबसे पहले तय कर दिया है। वहां भाजपा टिक नहीं पाएगी। मुख्यमंत्री जी को चुनाव लड़ने के लिए टिकट मांगना पड़ता है। अभी तो उनकी टिकट तय होनी है, जिनका अपना टिकट तय नहीं है, वे दूसरों के टिकट की बात कर रहे हैं। टिकट पाने के लिए पार्टी का सदस्य बनना पड़ता है। मुख्यमंत्री बनने से पहले क्या वे भाजपा के सदस्य थे? भाजपा के तमाम लोगों ने संघर्ष किया था। इन्होंने भाजपा में क्या किया था, ये काला चश्मा लगाकर आए, मुख्यमंत्री बन गए।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार अन्याय कर रही है। सरकार डरी हुई है। डरी और कमजोर सरकार अन्याय करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार छात्रों, नौजवानों के साथ अन्याय, अत्याचार बंद करे, गिरफ्तार छात्रों को रिहा करे।
पूरा देश जानता है कि चुनाव आयोग भाजपा के लिए काम कर रहा है। चुनावों में बेईमानी कर रहा है। वोट चोरी हो रहीं है। आयोग झूठ बोल रहा है। जब यही सब करना है तो भाजपा को देश भर में इतने बड़े-बड़े कार्यालय बनाने की क्या जरूरत है, चुनाव आयोग की बिल्डिंग में एक फ्लोर ले लेना चाहिए, भाजपा वही से कार्यालय चलाएं।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने एसआईआर के दौरान उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर धांधली की साजिश की थी। लोगों के फर्जी दस्तखत कराकर समाजवादी पार्टी के लोगों के वोट कटवाए। एक-एक आदमी के नाम से सौ-सौ से ज्यादा फार्म -7 भरवाकर वोट कटवाए गए जबकि नियम है कि एक व्यक्ति 5 से ज्यादा फार्म-7 नहीं भर सकता है। समाजवादी पार्टी ने सबूत के साथ शिकायत की लेकिन चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई की। उपचुनाव में भाजपा ने सादी वर्दी में पुलिस के लोगों से वोट डलवाए। महिलाओं को वोट डालने से रोकने के लिए पुलिस ने उन पर रिवाल्वर ताना। देश की जनता को मुख्य चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है, उन्हें स्वयं इस्तीफा दे देना चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान बेटियों के साथ हुई अभद्रता की जो तस्वीरे आयी है वह बेहद निन्दनीय है। बेटी के साथ दुर्व्यवहार करने वाले लोग भाजपा के समर्थक हैं, जो एकरंगी मुख्यमंत्री चुनौती देते घूम रहे हैं क्या उन्हें वो तस्वीरें नहीं दिख रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि जर्मनी में हिटलर अपनी निजी फोर्स बनाकर दूसरे राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं पर अत्याचार कराता था, आज वही काम भाजपा करा रही है। भाजपा के लोग हिटलर से सीखकर आए हैं। देश की जनता इनका अहंकार तोड़ेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में हर तरफ नशा ही नशा है। प्रदेश में जगह-जगह वनस्पति पकड़ी जा रही है। स्कूल बंद किए जा रहे हैं, शराब की दुकानें लगातार बढ़ रही है।
अखिलेश यादव ने लखनऊ में बाढ़ के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि सिंचाई विभाग और एलडीए की लड़ाई में सब चौपट हो गया है। बंधा बनाने का काम सिंचाई विभाग का होता है, नाला बनाने में हिसाब-किताब नहीं बन पाया तो उसे नहीं बनाया। भाजपा सरकार ने बरसात के पहले गोमती का बैराज नहीं खोला, फैजुल्लागंज का डूबने दिया। जब पूरा फैजुल्लागंज डूब गया तो एक साथ बैराज के सभी गेट खोल दिए,जिससे रिवरफ्रंट भी डूब गया। यह सब भाजपा सरकार की साजिश है। यह सरकार पानी और पानी के बहाव का आकलन तक नहीं कर पा रही है। इंजीनियरों का काम मुख्यमंत्री जी कर रहे हैं। इन्होंने हर चीज बर्बाद कर दी है। ग्रीन कारीडोर ऐसा डिजायन कर दिया है कि हर चौराहे पर गाड़ियां टकरा जाएं।
इस मौके पर लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष, सीएल वर्मा, छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा, लखनऊ उत्तर क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी पूजा शुक्ला, प्रवक्ता दीपक रंजन, प्रदेश सचिव विनोद सविता, प्रदेश सचिव विजय सिंह, प्रदीप कन्नौजिया, राम सागर यादव, राम सिंह राणा, मणींद्र मिश्रा, नवीन धवन बंटी, यामीन खान, फखरूल हसन चांद, ऊशा सेन, अमर यादव शिवम यादव, सोनू यादव असरगर अली, राम प्रकाश यादव, सर्वेश यादव, नवेद अहमद, अमर यादव, संतोष रावत, अभिषेक यादव, असगर अली, अंशुमन यादव, कुनाल मौर्या, सूरज वर्मा, प्रिंस कुमार, धीरज श्रीवास्तव, मधुर सिंह, जावेद अली, डॉ. मरगूब कुरेशी, राम प्यारे यादव, विपुल यादव, सुधीर बाला, सुमित यादव, सतीश यादव, राज साहनी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।