जीएल बजाज में अंतरराष्ट्रीय शोध का संगम, आईसी3 का शुभारम्भ
Gargachary Times
15 October 2026, 20:57
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Education
मथुरा। जीएल बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, मथुरा में दो दिवसीय आईईईई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘आईसी3-2026 (इंटेलिजेंट कंट्रोल, कम्प्यूटिंग एंड कम्युनिकेशंस) का शुभारम्भ हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और विद्यार्थियों ने भाग लेकर आधुनिक तकनीकों में नवीन अनुसंधान, नवाचार और अकादमिक सहयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि प्रो. एस.एन. सिंह, विशिष्ट अतिथि प्रो. मनीष कुमार गुप्ता, आईईईई ऑब्जर्वर प्रो. अक्षय तिवारी (आईआईटी इलाहाबाद) तथा विशेष अतिथि प्रो. आशीष कुमार सिंह और प्रो. प्रभाकर तिवारी उपस्थित रहे। आयोजन से जुड़े रामवीर सिंह ने अतिथियों और प्रतिनिधियों का स्वागत किया। संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा देने के साथ अकादमिक जगत और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत बनाते हैं। जीएल बजाज का प्रयास है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध और नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण मिले तथा उनका ज्ञान समाज और राष्ट्र के विकास में उपयोगी साबित हो।
सम्मेलन के आयोजन अध्यक्ष प्रो. वी.के. सिंह ने बताया कि आईसी3 के लिए आठ सौ से अधिक शोध-पत्र प्राप्त हुए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने डबल-ब्लाइंड पीयर रिव्यू प्रक्रिया के तहत समीक्षा की। सम्मेलन के दौरान 10 तकनीकी सत्रों में लगभग 120 शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। बुद्धिमान प्रणालियों, नियंत्रण सिद्धांत एवं स्वचालन, उच्च-प्रदर्शन कम्प्यूटिंग और आधुनिक संचार तकनीकों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।
मुख्य अतिथि प्रो. एस.एन. सिंह ने शोध की गुणवत्ता, विश्वसनीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ग्रीन कम्प्यूटिंग और साइबर सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल परीक्षा और रोजगार तक सीमित न रहकर आजीवन सीखने, नवाचार करने और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रयास करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि प्रो. मनीष कुमार गुप्ता ने शिक्षा में व्यावहारिक अनुभव, उत्पाद निर्माण और नवाचार आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
संस्थान के चेयरमैन पंकज अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ नवाचार, अनुसंधान और समस्या समाधान की क्षमता से सशक्त बनाना है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कम्प्यूटिंग और संचार तकनीक जैसे क्षेत्र भविष्य की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को अपने विचार साझा करने, वैश्विक विशेषज्ञों से सीखने तथा उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशने का मंच प्रदान करते हैं।
सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी सत्रों में शोधकर्ताओं को अपने अनुसंधान कार्य प्रस्तुत करने, विशेषज्ञों के साथ संवाद करने और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग की संभावनाएं तलाशने का अवसर मिला। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिखा गोविल, खुशबू सिंह, पारुल जैन और रावी भार्गव ने किया। सम्मेलन का उद्देश्य आधुनिक तकनीकों में नवीन अनुसंधान को प्रोत्साहित करना तथा देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों को साझा मंच उपलब्ध कराना है।