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दीनदयाल धाम फाटक 518 पर बने ओवरब्रिज, पूर्व बॉक्सर संतोष पाठक और राजवीर सिंह ने तेज की मुहिम

Gargachary Times 23 October 2026, 19:36 81 views
Mathura
दीनदयाल धाम फाटक 518 पर बने ओवरब्रिज, पूर्व बॉक्सर संतोष पाठक और राजवीर सिंह ने तेज की मुहिम
फरह। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मस्थली दीनदयाल धाम के मुख्य मार्ग पर स्थित रेलवे फाटक संख्या 518 पर ओवरब्रिज की मांग अब एक जन आंदोलन बन गई है। इस मुहिम की अगुवाई कर रहे हैं क्षेत्र के निवासी संतोष कुमार पाठक, जो पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज हैं और राजवीर सिंह, जो दीनदयाल धाम के पूर्व निदेशक रह चुके हैं। इन दोनों ने क्षेत्र के लगभग 40 ग्राम प्रधानों से समर्थन पत्र एकत्र किए हैं। प्रधानों के हस्ताक्षर वाले इन पत्रों के आधार पर दोनों ने मथुरा सांसद हेमा मालिनी, विधान परिषद सदस्य योगेश चौधरी और अन्य जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर अपनी मांग को मजबूती से रखा और केंद्र सरकार को मेल के माध्यम से अवगत कराया। प्रधानों के पत्रों के आधार पर ही सांसद हेमा मालिनी ने 12 सितंबर 2026 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को और एमएलसी योगेश चौधरी ने 19 सितंबर 2026 को केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी को पत्र लिखा है। पत्र में बताया गया है कि दीनदयाल धाम हॉल्ट फाटक 518 से प्रतिदिन हजारों स्थानीय नागरिकों, मजदूरों, स्कूली बच्चों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आवागमन होता है। ओवरब्रिज न होने के कारण जब भी ट्रेन आती है तो फाटक बंद हो जाता है और दोनों तरफ करीब 1 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इससे जाम के साथ ही फाटक खुलते ही सभी वाहन एक साथ दौड़ते हैं, जिससे हमेशा बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। संतोष पाठक और राजवीर सिंह ने बताया कि यह फाटक दीनदयाल धाम का प्रवेश द्वार है, इसलिए यहां ओवरब्रिज बनना बेहद जरूरी है। इसके अलावा ट्रेनों के ठहराव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। कोरोना महामारी से पहले यहां करीब आठ ट्रेनें रुकती थी पैसेंजर ट्रेनें - आगरा-दिल्ली पैसेंजर, कोसी-आगरा शटल, पलवल-आगरा शटल और आगरा-दिल्ली इंटरसिटी रुकती थीं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को सस्ता सफर मिलता था। लेकिन अब केवल 2 ट्रेनें रुक रही हैं।
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