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किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए धान एवं मोटे अनाज की खरीद व्यवस्था को अधिक सुगम एवं पारदर्शी बनाया जाए:- मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय

Gargachary Times 23 October 2026, 20:51 53 views
Lucknow
किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए धान एवं मोटे अनाज की खरीद व्यवस्था को अधिक सुगम एवं पारदर्शी बनाया जाए:- मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय
लखनऊ: मंत्री खाद्य एवं रसद मनोज कुमार पाण्डेय द्वारा बापू भवन स्थित सभाकक्ष में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु धान क्रय एवं मोटे अनाज के क्रय की व्यवस्थाओं पर विभागीय अधिकारियों एवं मण्डलीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गयी। सर्वप्रथम विभागीय अधिकारियों के परिचय के उपरान्त मंत्री द्वारा धान क्रय में आ रही समस्याओं को उजागर करने के लिए मण्डलीय अधिकारियों को कहा गया। इस पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मण्डलीय अधिकारियों द्वारा किसान पंजीयन में आ रही समस्याओं से अवगत कराया गया। यह भी बताया गया कि किसानों के पंजीयन में ऐनामली (विसंगति) की समस्या के कारण ऑनलाइन पंजीयन में किसानों को अत्यंत दिक्कतें आ रही है, जिस कारण किसानों को अपने धान बेचने को नहीं मिल रहा है। साथ ही यह सुझाव दिया गया कि पूर्व के वर्षों की भॉति आन लाइन पंजीयन के साथ साथ भौतिक पंजीयन की व्यवस्था को समानान्तर रूप से लागू कर दिया जाय। पश्चात् राजस्व विभाग से किसानों का सत्यापन करा लिया जाय। पूर्वी क्षेत्र के मण्डलीय अधिकारियों द्वारा अगवत कराया गया कि क्योंकि इस वर्ष की धान क्रय नीति में यह उल्लेख किया गया है कि क्रय केन्द्र क्रियाशील मण्डी की सीमा के अन्दर ही रहेंगे, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक तो मण्डियों की संख्या कम है तथा जो क्रियाशील मण्डी है, उनका परिसर अत्यन्त छोटा है, इसलिए मण्डी सीमा के अंतर्गत क्रय केन्द्र खोले जाने की पाबन्दी में सहूलियत देते हुए मण्डी सीमा के बाहर क्रय केन्द्र खोले जाने की अनुमति दे दी जाय । इसी प्रकार लगभग समस्त मण्डलीय अधिकारियों द्वारा श्रमिकों के पंजीयन में आ रही समस्याओं का उल्लेख किया गया। इस पर मंत्री जी द्वारा निर्देशित किया गया कि उक्त तीनों समस्याओं व अन्य कोई भी समस्या के निराकरण हेतु आर.एफ.सी. एवं आर.एम.ओ. की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाकर समस्याओं का निराकरण किया जाये। मंत्री द्वारा विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि समस्त अधिकारी स्वयं क्षेत्रीय भ्रमण करें और क्रय केन्द्रों में लगाये गये कार्मिकों के साथ बैठक कर उन्हें इस आशय के निर्देश दिये जाये कि किसानों को अपना धान बेचने हेतु प्रेरित ही नहीं किया जाये, बल्कि उनके साथ सदाचार व उनकी सुख सुविधा का भी ख्याल रखा जाये। ऐसे किसान, जो स्वयं रजिस्ट्रेशन या ऑन लाइन प्रक्रिया नहीं जानते है, उनकी पूरे मनोबल से सहायता की जाय । यहीं नही यदि उन्हें कोई दिक्कत आती है, तो जन सुविधा केन्द्र के माध्यम से उनकी ऑन लाइन प्रक्रिया को सुगम बनाया जाये । मंत्री जी द्वारा समस्त मण्डलीय अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे धान क्रय को केवल अपने कार्यों का दायित्व ही न समझे, बल्कि इस भाव से इस कार्य को सम्पादित करें कि यह सरकार की ही नहीं, उनकी प्रतिष्ठा का बिन्दु है। मंत्री द्वारा यह भी सुझाव दिया गया कि किसानों की प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें क्रय केन्द्रों पर ही धान बेचने के लिए प्रेरित किया जाय। मंत्री द्वारा यह भी उल्लेख किया गया कि प्रायः यह देखा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती राज्यों में किसान मात्र असुविधा के कारण अपना धान औने-पौने दाम पर बेच देते है अथवा क्षेत्रीय आढ़तियों को बेच देते है और यह उनके द्वारा मात्र इसलिए किया जाता है कि उन्हें प्रदेश के क्रय केन्द्रों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाता है। अतः इस बिन्दु पर मंत्री द्वारा सहकारी क्रय संस्थाओं के ऊपर राइस मिलर्स के बकाये को 10-15 दिवस में भुगतान किये जाने के निर्देश दिये गये है। विगत वर्ष की तुलना में धान क्रय एवं किसान पंजीयन में विगत 12 अक्टूबर से अब तक परिलक्ष् कमी पर रोष व्यक्त करते हुए लक्ष्य को बढ़ाये जाने के निर्देश दिये गये है। यह भी निर्देश दिये गये है कि समस्त मण्डलीय अधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ क्षेत्रीय भ्रमण करें । मंत्री द्वारा यह भी निर्देश दिये गये कि क्रय केन्द्रों पर जो होल्डिंग लगायी जाती है, वह अत्यंत सूक्ष्म होती है, जिसे व्यापक रूप से वृहत रूप में क्रय केन्द्रों के बाहर लगाया जाय, ताकि किसानों को एक नजर में ही सरकारी क्रय केन्द्रों की पहचान हो सके । मंत्री द्वारा स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि क्रय केन्द्रों पर वास्तविक कार्मिकों एवं किसानों के अतिरिक्त यदि कोई भी बिचौलिया असामाजिक तत्व की जानकारी प्राप्त हुई, तो क्रय केन्द्र प्रभारी एवं जिला स्तरीय प्रभारियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी। मंत्री द्वारा धान क्रय की मानीटरिंग प्रमुख सचिव एवं स्वयं अपने स्तर पर किये जाने का भी निर्णय लिया गया है। अंत में मंत्री द्वारा किसानों के हितों के प्रति मा. मुख्यमंत्री जी की प्रतिबद्धता एवं किसानों के प्रति उदारता के दृष्टिगत सभी अधिकारियेां को पूर्व मनोयोग से धान क्रय को अधिकतम लक्ष्य के साथ सम्पन्न कराये जाने के निर्देश प्रदान करते हुए बैठक समाप्त हुई । बैठक में प्रमुख सचिव, अपर आयुक्त, मण्डलीय आर.एफ.सी., आर.एम.ओं., सहकारी क्रय संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।
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