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ब्रज के विकास की पांच मांगों को लेकर शरद पूर्णिमा पर निकलेगी लोक चैतन्य जागरण यात्रा

Gargachary Times 24 October 2026, 19:18 55 views
Mathura
ब्रज के विकास की पांच मांगों को लेकर शरद पूर्णिमा पर निकलेगी लोक चैतन्य जागरण यात्रा
फरह। ब्रज की धार्मिक विरासत को संरक्षित करने, क्षेत्र के विकास को गति देने और युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से शरद पूर्णिमा पर लोक चैतन्य जागरण यात्रा निकाली जाएगी। ऋषि गर्गाचार्य आश्रम के मौनी बाबा जी के सानिध्य में 26 अक्टूबर 2026 को ऋषि गर्गाचार्य घाट पर यमुना मैया के पूजन के साथ यात्रा का शुभारंभ होगा। एक नवंबर तक चलने वाली यह यात्रा बल्देव से ऋषि गर्गाचार्य धाम गढ़ाया, फरह, मथुरा होते हुए गोवर्धन और बरसाना तक पहुंचेगी। यात्रा के माध्यम से ब्रज के विकास और जनहित से जुड़ी पांच प्रमुख मांगों को उठाया जाएगा। पांच संकल्पों के साथ उठेगी ब्रज के विकास की आवाज। पहली मांग—यमुना घाटों का जीर्णोद्धार और पुल निर्माण: बल्देव से श्री गुरु गर्गाचार्य जी की तपोस्थली गढ़ाया के बीच ब्रज 84 कोस यात्रा के पारंपरिक मार्ग पर यमुना जी के घाटों का जीर्णोद्धार कराने और पुल का निर्माण कराने की मांग उठाई जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिल सके। दूसरी मांग—फरह को दोबारा मिले तहसील का दर्जा: आयोजकों के अनुसार, फरह ब्रिटिश शासनकाल में वर्ष 1866 तक तहसील रहा था। क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व और स्थानीय लोगों की प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए फरह को पुनः तहसील बनाने की मांग उठाई जाएगी। इससे लोगों को तहसील संबंधी कार्यों के लिए बेहतर सुविधा मिलने और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है। तीसरी मांग—दीनदयाल धाम रेलवे फाटक पर बने ओवरब्रिज: दीनदयाल धाम रेलवे स्टेशन के फाटक संख्या 518 पर रेल ओवरब्रिज का निर्माण कराने की मांग की जाएगी, ताकि लोगों को आवागमन में सुविधा मिले और रेलवे फाटक से जुड़ी परेशानियों से राहत मिल सके। चौथी मांग—जाजमपट्टी चौराहे पर पुल निर्माण: फरह-गोवर्धन मार्ग स्थित जाजमपट्टी चौराहे पर भरतपुर-मथुरा मार्ग के लिए पुल निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। आयोजकों का कहना है कि पुल बनने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी तथा क्षेत्रीय लोगों और राहगीरों को आवागमन में सुविधा मिल सकेगी। पांचवीं मांग—युवाओं को नशे से बचाने और प्राचीन परंपराओं को जीवित करने का संकल्प: ब्रज की नई पीढ़ी को नशे के बढ़ते प्रभाव से बचाने के लिए हरिनाम संकीर्तन और जनजागरण को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही उपेक्षित पड़े कुओं, बगीचियों, अखाड़ों और व्यायाम शाखाओं को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जाएगा। धार्मिक यात्रा के साथ सामाजिक जागरण का अभियान यात्रा के संयोजक इंजी. राजवीर सिंह (पूर्व निदेशक, दीनदयाल धाम), सह संयोजक संतोष कुमार पाठक (पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज) तथा सह संयोजक पं. रूपचन्द शर्मा (श्री गुरु गर्गाचार्य धाम यमुना जन कल्याण समिति, गढ़ाया हैं।
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