ठाकुर राधा दामोदर मंदिर में धूमधाम से मनाया गया शरदोत्सव, श्वेत वस्त्रों में सजे ठाकुर जी
Gargachary Times
27 October 2026, 19:47
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Dharam
वृंदावन। नगर के सप्त देवालयों में प्रमुख ठाकुर राधा दामोदर मंदिर में शरद पूर्णिमा का पावन पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर में शरदोत्सव का आयोजन किया गया। शरद पूर्णिमा के विशेष अवसर पर ठाकुर राधा दामोदर लाल का श्वेत वस्त्रों से मनोहारी श्रृंगार किया गया। चंद्रमा की धवल चांदनी की आभा के अनुरूप ठाकुर जी को श्वेत वस्त्र धारण कराकर विराजमान किया गया। ठाकुर जी के इस अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। वहीं, मंदिर में ठाकुर जी के समक्ष विशेष भोग अर्पित कर सुख-समृद्धि और लोक कल्याण की कामना की गई।
मंदिर के सेवायत आचार्य कृष्ण बलराम गोस्वामी एवं आचार्य पूर्ण चंद्र गोस्वामी ने बताया कि कार्तिक मास में ठाकुर राधा दामोदर मंदिर में विशेष पूजन-अर्चन के साथ अनेक धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शरद पूर्णिमा के पावन पर्व पर ठाकुर जी का विशेष श्रृंगार कर उन्हें खीर एवं विभिन्न प्रकार के श्वेत व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। उन्होंने बताया कि शरद पूर्णिमा का पर्व भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और भक्ति परंपरा में विशेष महत्व रखता है। इस दिन ठाकुर जी की आराधना करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और आनंद की अनुभूति होती है।
वहीं, मंदिर के सेवायत आचार्य कारण गोस्वामी ने बताया कि कार्तिक मास में ठाकुर राधा दामोदर लाल को प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के आकर्षक श्रृंगारों से सुसज्जित किया जाता है। इस दौरान भक्तों को ठाकुर जी के अनेक मनोहारी स्वरूपों के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। कार्तिक मास में ठाकुर जी के विशेष दर्शनों का अपना अलग ही महत्व है। इस पावन महीने में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु वृंदावन पहुंचकर ठाकुर जी के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं।
उन्होंने बताया कि कार्तिक मास के अंतर्गत मंदिर में दाम बंधन लीला एवं अन्नकूट महोत्सव सहित अनेक धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है। इन आयोजनों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का स्मरण किया जाता है और भक्तों को ब्रज की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।
शरद पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर में भक्ति और उत्सव का वातावरण बना रहा। ठाकुर जी के मनोहारी दर्शन एवं विशेष भोग अर्पण के साथ श्रद्धालुओं ने पर्व को श्रद्धापूर्वक मनाया।