Loading...

वृंदावन में राम बारात के स्वागत को उमड़ा जनसैलाब, 4 किमी का सफर तय करने में लगे 8 घंटे

Gargachary Times 28 October 2026, 19:34 4 views
Mathura
वृंदावन में राम बारात के स्वागत को उमड़ा जनसैलाब, 4 किमी का सफर तय करने में लगे 8 घंटे
वृंदावन। धर्मनगरी वृंदावन में श्रीरामलीला महोत्सव के पांचवें दिन प्रभु श्रीराम की भव्य बारात निकाली गई। राम बारात के स्वागत के लिए नगरवासियों ने पलक-पांवड़े बिछा दिए। मार्ग में जगह-जगह चारों भाइयों की आरती उतारी गई और पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं में स्वागत की ऐसी होड़ रही कि करीब चार किलोमीटर का सफर तय करने में बारात को आठ घंटे लग गए। शाम पांच बजे शुरू हुई राम बारात रात एक बजे जनकपुरी पहुंची, जहां महिलाओं ने मंगलगीत गाकर वरमाला लीला का स्वागत किया। श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में निकाली गई राम बारात का शुभारंभ गोपीनाथ बाजार स्थित भागवत निवास से हुआ। बारात पत्थरपुरा, रंगजी मंदिर, चुंगी चौराहा, अनाज मंडी, प्रताप बाजार, रेतिया बाजार, लोई बाजार, बनखंडी, अठखंभा और बांके बिहारी बाजार होते हुए विद्यापीठ चौराहा पर बनाई गई जनकपुरी पहुंची। राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न चारों भाई जैसे ही घोड़ों पर सवार होकर निकले, पूरा नगर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। जगह-जगह नगरवासियों ने प्रभु श्रीराम की आरती उतारी, प्रसाद अर्पित किया और बारातियों का स्वागत किया। मंदिरों के प्रबंधन ने भी बारात का भव्य स्वागत किया। रंगजी मंदिर पहुंचने पर मंदिर प्रबंधक आर. कृष्णन सहित अन्य लोगों ने भगवान श्रीराम को भगवान श्रीरंगनाथ का प्रसादी चंदन लगाया। छह दर्जन से अधिक झांकियों ने मोहा मन राम बारात में छह दर्जन से अधिक आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। एटा, अलीगढ़, आगरा और मथुरा सहित विभिन्न स्थानों से आई झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इसके अलावा रोड शो करते कलाकारों की दस प्रस्तुतियां, विभिन्न शहरों से आए आठ बैंड और करतब दिखाते मां काली के पांच स्वरूप आकर्षण का केंद्र रहे। बारात जिस मार्ग से गुजरी, वहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जगह-जगह हुए स्वागत और धार्मिक प्रस्तुतियों से पूरा नगर राममय नजर आया। जनकपुरी में हुआ वरमाला लीला का मंचन बांके बिहारी बाजार में बनाई गई जनकपुरी में राम बारात के पहुंचने पर विवाह की पारंपरिक रस्मों का मंचन किया गया। प्रभु श्रीराम अपने भाइयों के साथ जनकपुरी पहुंचे तो सीता जी और उनकी तीनों बहनों ने अपने-अपने वर पर लड्डू फेंककर विवाह की रस्म निभाई। इसके बाद स्थानीय महिलाएं मंगल कलश लेकर पारंपरिक परिहास की रस्म निभाने पहुंचीं, जहां हंसी-ठिठोली का माहौल रहा। करीब आधे घंटे तक चली इस लीला के बाद दुल्हन के रूप में सजी जानकी जी और उनकी तीनों बहनों को मंच पर लाया गया। यहां वरमाला लीला का मंचन हुआ। अंत में महाआरती के साथ रामलीला महोत्सव के पांचवें दिन की लीलाओं का विश्राम हुआ।
Follow Samachar24