सिंगापुर की तकनीक और यूपी का सामर्थ्य मिलकर लिखेंगे वैश्विक विकास की नई इबारत: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
Gargachary Times
28 October 2026, 19:35
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Lucknow
उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख ग्रोथ इंजन बनाने और 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ में सिंगापुर के शीर्ष उद्योगपतियों एवं निवेशकों के 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत चर्चा की। सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में लॉजिस्टिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, अर्बन प्लानिंग और हॉस्पिटैलिटी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में बड़े निवेश की इच्छा व्यक्त की। यह प्रतिनिधिमंडल फरवरी में
मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा के बाद अब उत्तर प्रदेश के दौरे पर आया है।
प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक सिंगापुर के निर्माता स्वर्गीय ली कुआन यू के विजन ने दुनिया को दिखाया कि किसी देश की वैश्विक पहचान उसके भौगोलिक आकार से अधिक उसकी दृष्टि, कार्यक्षमता और संसाधनों के कुशल उपयोग से बनती है। उन्होंने कहा कि विगत 12 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत 'फ्रैजाइल' अर्थव्यवस्था की स्थिति से निकलकर दुनिया की अग्रणी और सशक्त अर्थव्यवस्थाओं में स्थापित हुआ है। इसी प्रकार, पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश भी 'बीमारू' छवि से बाहर निकलकर देश के ग्रोथ इंजन के रूप में उभरा है। प्रदेश की जीडीपी, वार्षिक बजट और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई है। वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी भी तीन गुना बढ़ी है। बिना जनता पर कोई नया कर लगाए उत्तर प्रदेश निरंतर रेवेन्यू-सरप्लस राज्य बना हुआ है।
फरवरी 2026 में सिंगापुर यात्रा के दौरान वहां के राष्ट्रपति श्री थर्मन षणमुगरत्नम जी और प्रधानमंत्री श्री लॉरेंस वोंग जी से हुई मुलाकातों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौरान लगभग ₹60,000 करोड़ के निवेश समझौतों पर सहमति बनी थी। सिंगापुर रोडशो के दौरान राज्य सरकार ने निवेशकों को 'सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड' का जो भरोसा दिया था, प्रदेश आज भी उसी कमिटमेंट के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब लक्ष्य निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर उत्पादन शुरू कराने का है। 'एमओयू से मैन्युफैक्चरिंग' और 'ग्राउंडब्रेकिंग से प्रोडक्शन' तक की पूरी प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और हर स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल के समक्ष जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट समर्पित 'सिंगापुर सिटी' और हाई-टेक इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के संगम तथा विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ा यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए उत्तर भारत का प्रमुख सप्लाई चेन हब बनने की क्षमता रखता है। औद्योगिक निवेश के लिए प्रदेश में 75 हजार एकड़ से अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है और 27 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। वहीं, लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट में स्थापित यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के छह स्ट्रैटेजिक नोड्स को ₹35 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।
साझेदारी को ठोस परिणामों तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री ने छह प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया। इनमें जेवर, एक्सप्रेसवे और फ्रेट कॉरिडोर के माध्यम से मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग का विकास, सेमीकंडक्टर फैब यूनिट और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा सोलर, ग्रीन हाइड्रोजन, वेस्ट मैनेजमेंट और वाटर रिसाइक्लिंग जैसी क्लीन टेक्नोलॉजी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के कुल मोबाइल उत्पादन का लगभग 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का 60 प्रतिशत निर्माण उत्तर प्रदेश में हो रहा है। उन्होंने प्रदेश की कृषि क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की 'फूड बास्केट' के रूप में उत्तर प्रदेश का योगदान महत्वपूर्ण है। प्रदेश में 21% खाद्यान्न उत्पादन और सिंगापुर के हाई-क्वालिटी फूड पैकेजिंग एवं एक्सपोर्ट मॉडल के बीच साझेदारी की व्यापक संभावनाएं हैं।
टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ 2025 के भव्य और सफल आयोजन ने पूरी दुनिया के सामने उत्तर प्रदेश की विशाल प्रबंधन एवं आयोजन क्षमता को प्रस्तुत किया है। इस अनुभव और क्षमता को आधुनिक टूरिज्म फैसिलिटीज तथा वेलनेस प्रोजेक्ट्स से जोड़कर नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज और बौद्ध सर्किट जैसे वैश्विक आध्यात्मिक केंद्रों में वर्ल्ड-क्लास होटल्स, कन्वेंशन सेंटर्स और हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। इसके साथ ही लखनऊ, स्टेट कैपिटल रीजन और नई टाउनशिप्स के सुनियोजित विकास में सिंगापुर की विश्वप्रसिद्ध अर्बन प्लानिंग विशेषज्ञता का लाभ उठाया जा सकता है।
बैठक से पहले नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर चुके सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के चेयरमैन मिस्टर मार्क ली और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और निवेश-अनुकूल नीतियों की सराहना की। उन्होंने ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में विकसित हो रहे फिल्म सिटी, टॉय पार्क, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइसेज पार्क और सेमीकंडक्टर क्लस्टर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बताया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पारदर्शी और त्वरित कार्यप्रणाली वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ाती है। सिंगापुर की कंपनियां राज्य के साथ दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी के लिए उत्साहित हैं।
बैठक में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के चेयरमैन मिस्टर मार्क ली ने भारत और सिंगापुर के प्रगाढ़ एवं ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा को इस दिशा में ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में विकसित एक्सप्रेसवे नेटवर्क, आधुनिक वेयरहाउसिंग, सुनियोजित इंडस्ट्रियल पार्क्स और प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि नए उत्तर प्रदेश में सिंगापुर की कंपनियों के लिए व्यापक व्यावसायिक संभावनाएं मौजूद हैं।
एसबीएफ-इंडिया बिजनेस कमेटी के चेयरमैन प्रसून मुखर्जी ने मुख्यमंत्री के विजनरी नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि चेयरमैन मिस्टर मार्क ली के नेतृत्व में एसबीएफ का यह पहला उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल है, जो सिंगापुर से बाहर किसी भारतीय राज्य के दौरे पर आया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। इससे निवेशकों का भरोसा राज्य के प्रति कई गुना बढ़ा है।
यूनिवर्सल सक्सेस एंटरप्राइजेज के प्रबंध निदेशक प्रशांत मुखर्जी ने उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि फरवरी में मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित एमओयू को धरातल पर उतारने में मुख्यमंत्री की टीम ने असाधारण तत्परता और गति के साथ सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि वे वैश्विक मंचों पर अन्य अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ भी उत्तर प्रदेश सरकार के कमिटमेंट, पारदर्शिता और कार्य करने की अभूतपूर्व स्पीड के अनुभव साझा करते हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेसर्स ग्रेटर नासिक इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड को पात्रता प्रमाणपत्र प्रदान किया। सिंगापुर आधारित यूनिवर्सल सक्सेस एंटरप्राइजेज समूह से जुड़ी इस कंपनी को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के सेक्टर 8डी में ₹775 करोड़ की लागत से एकीकृत विनिर्माण 'यूनिवर्सल पैकेजिंग हब' स्थापित करने के लिए 50 एकड़ भूमि के सापेक्ष यह प्रमाणपत्र सौंपा गया। परियोजना में सिंगापुर से प्रत्यक्ष विदेशी इक्विटी शामिल है और इससे 1,880 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश में नए निवेश को गति देने के लिए वैश्विक कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण कंपनी एग्रीकॉर्प इंटरनेशनल के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान भी किया गया। कंपनी उत्तर प्रदेश में सोया प्रोटीन आइसोलेट और चना प्रोटीन कंसंट्रेट के उत्पादन के लिए अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करेगी। इससे प्रदेश के एग्री-प्रोसेसिंग और वैल्यू-एडिशन इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी तथा कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार को गति मिलेगी।
सतत अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में अग्रणी वैश्विक कंपनी ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस के साथ भी एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। कंपनी प्रदेश में ₹250 से ₹350 करोड़ के अनुमानित निवेश से नोएडा सेक्टर-145 में लगभग 7.5 लाख टन लिगेसी वेस्ट के उपचार और सहारनपुर में 350 टन प्रतिदिन क्षमता वाले फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना पर कार्य करेगी। इन परियोजनाओं से 100 से 120 लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
इस उच्चस्तरीय बैठक में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के सीईओ कोक पिंग सून, आईएचसीएल (टाटा ग्रुप) के एमडी एवं सीईओ पुनीत छतवाल, एग्रोकोर्प इंटरनेशनल के सीईओ विशाल विजय, ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस के सीईओ प्रशांत सिंह, पीएसए इंडिया के एमडी पवित्रन एम कल्लाडा, सेम्बकॉर्प के एजीएम विनीत यादव सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और औद्योगिक विकास से जुड़े वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे।