बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार
Gargachary Times
1 November 2026, 19:34
54 views
Firozabad
*फिरोजाबाद।* बीमा पॉलिसी के नाम पर आम लोगों से साइबर ठगी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का साइबर सेल और थाना दक्षिण पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 मोबाइल फोन, 17 सिमकार्ड, 10 चेकबुक, 10 बैंक पासबुक, आठ एटीएम कार्ड, फर्जी दस्तावेज और एक किआ सोनेट कार बरामद की है। पुलिस के अनुसार, गिरोह 50 से अधिक फर्जी और म्यूल बैंक खातों के जरिए एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि निकाल चुका है। इन खातों से जुड़ी 70 से अधिक शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज हैं।एसएसपी आदित्य लांग्हे के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर सेल और थाना दक्षिण पुलिस ने रविवार को कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, उपनिरीक्षक राजकुमार गौतम टीम के साथ जैन मंदिर के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि साइबर ठगी करने वाले गिरोह के सदस्य काली किआ सोनेट कार में सीएल जैन इंटर कॉलेज के पास सर्विस रोड पर मौजूद हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार सवार पांच लोगों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान कार की पिछली सीट पर रखे बैग से मोबाइल, सिमकार्ड, बैंक दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजीत प्रताप उर्फ बंटू निवासी कमलानगर आगरा, ऐदल सिंह निवासी सिकंदराराऊ हाथरस, सुरेश निवासी कारारोल आगरा, महेंद्र निवासी हरिपर्वत आगरा और राजू कुमार निवासी पीर कल्याणी, आगरा के रूप में हुई है।
फर्जी फर्म और बदले हुए दस्तावेजों से खुलवाते थे खाते
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य बीमा पॉलिसी के नाम पर लोगों से साइबर ठगी करते थे। ठगी की रकम फर्जी और म्यूल बैंक खातों में मंगाई जाती थी, जिसके बाद चेक और एटीएम के जरिए नकदी निकाल ली जाती थी। गिरोह का सरगना अजीत प्रताप उर्फ बंटू नए लोगों को तलाशकर उनके आधार और पैन कार्ड में नाम-पता बदलवाता था। बदले हुए पते और फर्जी फर्मों के दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग जनपदों के बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे।
पुलिस के मुताबिक, राजू कुमार ने सुहागनगर में दुकान किराये पर लेकर 'श्री गणेश ट्रैवल्स एंड कार्गो' नाम से फर्म बनाई थी। इसके नाम पर कई बैंकों में करंट खाते खुलवाकर ठगी की रकम निकाली जाती थी। रकम निकालने वाले सदस्य अपना कमीशन काटकर बाकी पैसा अजीत को सौंप देते थे। पुलिस का कहना है कि ठगी की रकम से ही फर्जी पते पर किआ सोनेट कार खरीदी गई थी।
दस्तावेज और कार बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, 17 सिमकार्ड, 10 चेकबुक, 10 पासबुक, आठ एटीएम कार्ड, सात आधार कार्ड, पांच पैन कार्ड और लेन-देन का विवरण दर्ज एक डायरी बरामद की है। इसके अलावा किआ सोनेट कार भी कब्जे में ली गई है।थाना दक्षिण में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस गिरोह से जुड़े बैंक खातों और अन्य साइबर ठगी की घटनाओं की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।पुलिस की अपील:किसी भी बीमा पॉलिसी, बोनस या अन्य लालच में आकर अनजान फोन कॉल और लिंक पर भरोसा न करें। अपना आधार, पैन, बैंक खाता या सिम किसी अनजान व्यक्ति को न दें। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।