CEC ज्ञानेश कुमार पर 20 साल पुराने रिश्वत आरोप की जांच शुरू
Gargachary Times
4 November 2026, 20:21
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Delhi
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच होगी। केरलम के गृहमंत्री मेश चेन्निथला ने विजिलेंस को जांच के आदेश दिए हैं।
यह मामला सड़क निर्माण प्रोजेक्ट से जुड़ा है। उस समय ज्ञानेश कुमार राज्य में PWD सचिव थे।
कोल्लम के ठेकेदार साजन का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KSTP) का काम पूरा होने के बाद पेमेंट करने के बदले ₹2 करोड़ की रिश्वत मांगी थी।
इस समय कांग्रेस की अगुवाई में पूरे देश में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ SIR में गड़बड़ी के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसी साल मई में हुए विधानसभा चुनाव में केरलम में कांग्रेस की अगुवाई वाले UDF ने 140 में से 97 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। कांग्रेस ने यहां 10 साल बाद सत्ता में वापसी की है।
साजन के मुताबिक, इंजीनियरों ने करीब ₹17 करोड़ के बिल मंजूर कर दिए थे, लेकिन ज्ञानेश कुमार ने चेक रोक दिए। इससे मलेशियाई कंपनी PATI-BEL, उसके ठेकेदारों और कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी हुई।
कंपनी के प्रोजेक्ट इंजीनियर ली सी बीन ने उन्हें (साजन को) बताया था कि ज्ञानेश कुमार रिश्वत मांगे बिना भुगतान के चेक जारी नहीं कर रहे हैं।
साजन ने पैसे देकर मामला सुलझाने की बात कही, लेकिन कंपनी के अधिकारियों ने रिश्वत देने से मना कर दिया। ली सी बीन ने ठेकेदारों और कर्मचारियों का बकाया चुकाने के लिए बेंगलुरु में कंपनी के दूसरे प्रोजेक्ट से पैसे लिए थे।
भुगतान न मिलने और रिश्वत मांगने के कारण ली ने 2006 में आत्महत्या कर ली थी। ली ने सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार का नाम लिखा था। ली के मलेशिया में रहने वाले परिवार ने भी कंपनी के कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी थी।
पहले हुई विजिलेंस जांच में उनसे और मामले की जानकारी रखने वाले दूसरे लोगों से पूछताछ नहीं की गई थी। वे ली के परिवार, कंपनी के पूर्व कर्मचारियों और अन्य गवाहों को जांच के लिए पेश कर सकते हैं।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस विभाग ने शुरुआती जांच के बाद केस दर्ज करने के लिए गृह विभाग से अनुमति मांगी थी। सूत्रों के मुताबिक, कानूनी राय लेने के बाद गृह मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। विजिलेंस टीम पहले से ही KSTP प्रोजेक्ट से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है। अब इस नई शिकायत की भी जांच की जाएगी।
ली की मौत के बाद 2006 में भी विजिलेंस जांच हुई थी। आरोप साबित नहीं होने पर जांच बंद कर दी गई थी। नई जांच में यह भी देखा जाएगा कि पिछली जांच में आरोपों से जुड़े जरूरी पहलुओं की जांच हुई थी या नहीं।
ज्ञानेश कुमार पर लगे रिश्वत मांगने के आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं। विजिलेंस इन आरोपों की जांच करेगी। ज्ञानेश कुमार ने अब तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।